निर्मल भारत अभियान से गांवों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण में एक करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी करने वाले 22 प्रधानों व 21 ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
19 जून के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए सीडीओ ने डीपीआरओ को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
वर्ष 2012 से 2014 तक गांवों को प्रसाधन कक्षों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये दिए गए। प्रसाधन कक्षों की जांच कराई गई तो ग्राम पंचायतों में मनमानी उजागर हो गई।
हालांकि डीपीआरओ की ओर से 22 प्रधानों को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन सौ से अधिक ग्राम प्रधानों ने प्रसाधन कक्षों के निर्माण में मनमानी की है।
अमर उजाला में 19 जून के अंक में ‘स्वच्छता अभियान के डकारे 1.8 करोड़ रुपये’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ को ग्राम प्रधानाें व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करके जवाब देने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में डीपीआरओ संजय यादव का कहना है कि नोटिस का जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार ग्राम प्रधानों को हटाने के लिए पहले नोटिस देना अनिवार्य है।