कलेक्ट्रेट में डीएम दफ्तर के सामने यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
रायबरेली। यूजीसी के नए नियमों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भाजपा चुनाव प्रबंधन विभाग के जिला संयोजक राज कुमार सिंह ने इसका विरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गोशालाओं की भांति सवर्णशाला देश में बनवाकर उनमें सवर्णों को बंद कर दिया जाए। अधिवक्ताओं ने भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बुधवार को भाजपा नेता राज कुमार सिंह डीएम के पास पहुंचे। ज्ञापन देने के बाद बताया कि वह सवर्ण समाज के सिपाही हैं और प्रधानमंत्री से गुजारिश करते हैं कि गोशालाओं की तरह सवर्णशालाओं का देशभर में निर्माण करा दिया जाए। समाज को सुरक्षित बनाने के लिए यह पहल प्रधानमंत्री को करनी चाहिए। यह भी कहा कि सवर्णशाला में बंद करने से पहले कुछ सवाल हैं, उनका उत्तर भी मिलना जरूरी है।
बताया कि मुगलों ने 300 वर्ष, अंग्रेजों ने 200 वर्ष, भारतीय संविधान में 77 वर्ष यानी इन 577 वर्षों में सवर्णों ने कब किसका शोषण किया। सभी जाति के पूर्वज राजा, महाराजा और सम्राट थे तो उनका सवर्णों ने कब और कैसे शोषण किया। देश के सर्वोच्च पदों पर आसीन होने के बाद भी पिछड़ा, दलित वर्ग सामान्य नहीं हो तो क्या प्रयास किया जाए।
इसी तरह कलेक्ट्रेट में वकीलों ने यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। जुलूस निकालकर वकीलों ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को वापस लिया जाए। यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर अधिवक्ता पदम श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, सतीश मिश्रा, ब्रजेश कुमार, नवीन श्रीवास्तव मौजूद रहे।