रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की स्थिति का आकलन करने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। अब तक जिले की 989 ग्राम पंचायतों के 10,780 ग्रामीणों ने स्वच्छता को लेकर फीडबैक दिया है। गांवों में समुदाय और घरेलू शौचालयों की स्थिति, सफाई आदि के बारे में एप पर ग्रामीणों को अपना पक्ष देना है। सीडीओ ने अधिक से अधिक ग्रामीणों को एप के माध्यम से अपना फीडबैक देने का अनुरोध किया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में स्वच्छता स्तर में सुधार लाना, खुले में शौच मुक्त की स्थिति की निरंतरता बनाए रखाना, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करना है। सर्वेक्षण ग्राम पंचायतों को अपनी स्वच्छता संबंधी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर निर्मित सामुदायिक शौचालयों की उपलब्धता, सफाई और उपयोगिता का मूल्यांकन किया जा रहा है। 1000 नंबर के इस सर्वेक्षण में जो भी ग्राम पंचायत खरी उतरेगी उसे शासन स्तर से पुरस्कृत किया जाएगा। अगस्त के बाद स्वच्छता रैंक जारी होगी। संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक फीडबैक दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में साफ-सफाई, स्वच्छता और शौचालयों के प्रयोग को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण का काम शुरू कराया गया है। एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपना फीडबैक दे सकता है। इस संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
-अर्पित उपाध्याय, सीडीओ, रायबरेली