रायबरेली। जिला स्वास्थ्य समिति की बचत भवन में गुरुवार को हुई बैठक में डीएम वैभव श्रीवास्तव के तेवर तीखे दिखे। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना में भुगतान व एनएचएम की अन्य योजनाओं में लापरवाही बरतने पर एसीएमओ डॉ. खालिद रिजवान व तीन अधीक्षकों को एक-एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने के आदेश दिए। महराजगंज सीएचसी के अधीक्षक का वेतन रोकने के साथ ही पांच अधीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। इसके अलावा 10 अधीक्षकों को फटकार लगाते हुए जवाब-तलब किया।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं की प्रगति बेहद खराब मिली। इस पर महाराजगंज अधीक्षक डॉ. भावेश यादव का वेतन रोक दिया। एसीएमओ डॉ. खालिद रिजवान, अधीक्षक नसीराबाद डॉ. आनंद शंकर, अधीक्षक जतुआ-टप्पा डॉ. बृजेश कुमार और सलोन के प्रभारी डॉ. अमित सचान का एक-एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने के आदेश दिए। सलोन, ऊंचाहार, बछरावां, डीह, शिवगढ़ के अधीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए।
डलमऊ, डीह, हरचंदपुर, जगतपुर, नसीराबाद, सरेनी, शिवगढ़, ऊंचाहार अधीक्षकों को फटकार लगाते हुए जवाब मांगा। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की प्रगति को शत प्रतिशत रखा जाए। इसमें लापरवाही न बरती जाए। बैठक में सीडीओ अभिषेक गोयल, सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमएस डॉ. रेनू चौधरी, डॉ. एनके श्रीवास्तव, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना आदि मौजूद रहे।