रायबरेली। जिले में सर्पदंश की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बुधवार को सर्पदशं के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर परिजनों को शांत कराया। सर्पदंश के छह और मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
महराजगंज क्षेत्र के चंदापुर निवासी शकुंतला (80) को बुधवार को करीब नौ बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। सुबह पांच बजे उन्हें सांप ने काट लिया था। जिला अस्पताल में वृद्धा ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया।
इसके अलावा बेहटाखुर्द निवासी अजय कुमारी (36), तिवारीपुर सलोन निवासी राजकरन (50), किलाबाजार निवासी फिरदौस (38), रजवापुर निवासी राजेंद्र (52), बछरावां के तिलेंडा निवासी अंजू (35) और अहियारायपुर निवासी शिव कुमार (25) को सांप काटने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शहर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि सर्पदंश के बाद जिला अस्पताल में वृद्धा की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस टीम को भेजकर परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया।
झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि सांप काटने के बाद बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल में एक घंटे के अंदर पहुंचाकर एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगवाएं। झाड़फूंक के चक्कर में न पड़े। ऐसा करने से इलाज में देरी की वजह से मरीज की मौत हो सकती है। समय से एएसवी लगने से मरीज को आसानी से बचाया जा सकता है। बरसात का समय सांप काटने के लिहाज से संवेदनशील होता है।