कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में नोट बंदी के विरोध में किए गया भारत बंद का आह्वान फ्लॉप हो गया। रोज की तरह सभी दुकानें खुली और लोग खरीदारी करते नजर आए। खास बात ये रही कि व्यापारी संगठनों ने भी भारत बंद से दूरी बनाए रखी।
यही वजह रही कि एक दिन पहले ही व्यापारियों ने बंद का समर्थन न करने का एलान कर दिया था। सिर्फ कांग्रेस की ओर से आक्रोश दिवस मनाया गया। सपा, बसपा ने भी भारत बंद से दूरी बनाए रखी।
केंद्र सरकार के नोट बंदी का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में विपक्षी दलों की ओर से सोमवार को बंद और आक्रोश दिवस का एलान किया गया था, लेकिन जिले में बंद का असर नहीं दिखा। सिर्फ आक्रोश दिवस मनाते हुए कांग्रेसी सड़कों पर ही दिखे।
शहर में सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज, जिला अस्पताल चौराहा, सिविल लाइंस, पुलिस लाइंस, बस स्टेशन चौराहा समेत अन्य चौराहों पर रोज की तरह ही दुकानें खुली। इन दुकानों पर लोग खरीदारी करते नजर आए।
पुलिस लाइंस के किराना व्यापारी शंभू सिंह, जिला अस्पताल चौराहा के मेडिकल संचालक संजय अग्निहोत्री का कहना था कि पहले अपना धंधा देखे कि बंद। यहां रोजी-रोटी पहले जरूरी है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा, जिला महामंत्री जावेद अहमद का कहना है कि संगठन ने पहले ही भारत बंद न करने का एलान कर दिया था।
जिले में बंद का असर नहीं दिखा। रोज की तरह दुकानें खुली रही। शहर के अलावा सलोन, खीरों, बछरावां, हरचंदपुर, राही, ऊंचाहार समेत अन्य कस्बों में भी चहल-पहल दिखी। रोज की तरह व्यापारियों ने दुकानें खोली।