रायबरेली। राजकीय नर्सेज संघ ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को बांह में काला फीता बांध कर विरोध जताया। नाराज नर्सों ने धरना प्रदर्शन के बाद चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उनकी न्यायोचित मांगों को नहीं पूरा किया गया तो वह 21 अक्तूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू करने को विवश होगी।
जिला स्तरीय पुरुष व महिला अस्पताल के साथ नर्सिंग स्टॉफ ने सभी सीएचसी-पीएचसी में काला फीता बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जताया। राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष शशिबाला सिंह ने बताया कि आंदोलित नर्सें उच्च संस्थानों के समान भत्ते, गृह जिले में नियुक्ति, एसीपी और पदोन्नति की सुविधा सहित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित हैं।
पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की तरह एमएससी नर्सिंग और पीएचडी के लिए भी सवेतन अवकाश देने की न्यायोचित मांग की भी पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। इस लिए विवश होकर नौ अक्तूबर से नर्सें अस्पतालों में काला फीता बांधकर राजकीय कार्य कर विरोध जताना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि यह विरोध 20 अक्तूबर तक जारी रहेगा। इसके बाद 21 अक्तूबर से सुबह आठ बजे से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान चिकित्सालय परिसर में एकत्रित होकर शासन और प्रशासन का विरोध प्रकट किया जाएगा। इसके बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 22 अक्तूबर को लखनऊ में स्वास्थ्य महानिदेशालय पर नर्सिंग संवर्ग धरना प्रदर्शन करेगा। आवश्यकता पड़ने पर 22 अक्तूबर से ही अनिश्चितकाल के लिए रोजाना दो-दो घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू होगा।