ऊंचाहार (रायबरेली)। कोरोना महामारी के बाद सामान्य हो रहे जनजीवन में बिजली की मांग बढ़ गई। इससे एनटीपीसी परियोजना की सभी यूनिटों से बिजली उत्पादन बढ़ा दिया गया है। परियोजना की छह यूनिटों को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। अभी तक यूनिटें कम लोड पर चलाई जा रही थीं।
एनटीपीसी परियोजना में 210 मेगावाट की पांच व 500 मेगावाट की एक यूनिट स्थापित है। सभी छह यूनिटों से कुल 1550 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। कोरोना महामारी में लॉकडाउन के चलते परियोजना से बिजली की मांग कम हो गई थी।
इससे यूनिटों से लगभग 500 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन किया जा रहा था। इस वजह से परियोजना को काफी नुकसान हो रहा था। कोरोना महामारी के बाद हालात सामान्य होने के साथ बिजली की मांग बढ़ गई है।
पिछले हफ्ते से परियोजना की इकाइयों पर लोड बढ़ा दिया गया है। इस समय परियोजना की सभी यूनिटों से 1550 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। इससे बिजली उत्पादन सामान्य हो गया है। इस बाबत परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि बिजली की मांग बढ़ गई है। इससे सभी यूनिटें पूरी क्षमता से चलायी जा रही हैं।
एनटीपीसी ऊंचाहार परियोजना न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि कई राज्यों को रोशन करती है। इससे नौ राज्यों को बिजली की आपूर्ति होती है। यहां बनने वाली बिजली उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली व उत्तराखंड को दी जाती है।