एनटीपीसी बॉलयर ब्लास्ट की घटना के दूसरे दिन के मजदूरों का आक्रोश भड़क उठा। एनटीपीसी अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए उंचाहार-सलोन मार्ग पर जाम लगा दिया। परियोजना में हादसे की जानकारी लेने पहुंचे डिप्टी सीएम समेत अन्य नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूरों ने जनप्रतिनिधियों पर समस्या दूर न कराने का आरोप लगाया।
बुधवार को हुए हादसे से एनटीपीसी में काम करने वाले मजदूरों का गुस्सा गुरुवार को सुबह भड़क उठा। परियोजना के अधिकारियों पर शोषण करने का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी गेट पर सड़क जाम कर दिया। एनटीपीसी प्लांट में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को को भी अंदर नहीं जाने दिया।
परियोजना का जायजा लेने पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को मजदूरों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उनका काफिला गेट के पास पहुंचा तो मजदूरों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परियोजना के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों ने जबरन घुसने का प्रयास किया तो उनका घेराव कर लिया और सड़क जाम करने के साथ और एनटीपीसी के आपातकालीन गेट पर घेराव कर लिया।
मजदूरों के आक्त्रसेश को देखते हुए डीएम संजय कुमार खत्री और एसपी शिव हरि मीणा भी भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। इन लोगों ने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया तो वे और भड़क गए। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बहुत लोग मारे गए, जबकि सैकड़ों घायल हुए। इसके बावजूद प्रशासन और एनटीपीसी के अधिकारी मामले को दबा रहे हैं।
इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए अन्यथा क्षेत्र के लोग बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी का भी मजदूरों ने घेराव कर लिया। आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना उनकी समस्याओं को सुने दूसरे गेट से भाग गए। अफसरों के समझाने पर माने।