रायबरेली। शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी खस्ताहाल जेल रोड की बदहाली अब दूर हो सकेगी। बोर्ड की बैठक में सोमवार को सभासदों ने जेल रोड को पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। इसी माह दो बार कोरम पूरा न होने के चलते बोर्ड की बैठक स्थगित हो गई थी।
सुबह 11 बजे नगर पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर की अध्यक्षता में सुपर मार्केट स्थित कार्यालय के सभागार में नगर पालिका की बोर्ड की बैठक शुरू हुई। अधिशासी अधिकारी के अनुपस्थिति होने पर कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना ने बैठक का संचालन किया। पालिकाध्यक्ष ने अपनी बात रखी और बताया कि जेल रोड खस्ताहाल है। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है।
पालिका के पास इतनी धनराशि नहीं है कि सड़क की मरम्मत कराई जा सके। पीडब्ल्यूडी को यदि सड़क को हैंडओवर कर दिया जाए तो इसकी मरम्मत हो सकती है। बैठक में 34 में से एक तिहाई से अधिक 15 सभासद मौजूद रहे। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सभासदों ने बोर्ड की बैठक में जेल रोड को मरम्मत कराने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है।
इस दौरान सभासद परमजीत गांधी और धर्मेंद्र द्विवेदी ने बारिश से पहले नाला सफाई कराने का मुद्दा उठाया। पालिकाध्यक्ष ने रोस्टरवार नाला सफाई कराने के निर्देश दिए। सभासद सरिता ने सफाई कर्मियों के मोहल्लों में जाकर सफाई न करने का आरोप लगाया। पालिकाध्यक्ष ने जांच कराने की बात कही।
पालिकाध्यक्ष पर सभासदों की खरीद-फरोख्त का आरोप
सभासद जय प्रकाश वर्मा की मां के निधन पर सभासदों ने बोर्ड की बैठक स्थगित करने के लिए पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखा था। बावजूद पालिकाध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। सभासद सतीश कुमार मिश्रा, मोहित सिंह, पुष्पा यादव, सुशील कुमार, मो. हुसैन, पंकज साहू, कमरुद्दीन, आशा सिंह, श्रवण कुमारी, संजय श्रीवास्तव, रामखेलावन बारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार को ज्ञापन सौंपा।
सभासदों ने बताया कि पालिकाध्यक्ष ने नियमों को ताक पर रखकर बोर्ड की बैठक कराई। कोरम पूरा भी नहीं हुआ। पालिकाध्यक्ष पर सभासदों की खरीद-फरोख्त करने का भी आरोप लगाया। सभासदों ने दोबारा बोर्ड की बैठक कराने की मांग की। ऐसा न होने पर कलेक्ट्रेट में धरना देने की बात कही। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।
ईओ की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
बोर्ड की बैठक में अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। सभासद और अन्य लोग ईओ की अनुपस्थिति पर तरह-तरह के मायने निकालते रहे। पालिका के अफसरों का कहना था कि ईओ बीमार हो गए हैं। इसलिए अपनी जगह कर निर्धारण अधिकारी को बैठक कराने की जिम्मेदारी सौंपी।
एक तिहाई बहुमत के साथ बोर्ड की बैठक हो गई है। खस्ताहाल जेल रोड एक बड़ी समस्या थी, जिसे अब दूर किया जा सकेगा। जनता की समस्याओं को दूर कराना उनकी पहली प्राथमिकता है।
- शत्रोह्न सोनकर, पालिकाध्यक्ष