रायबरेली। डीह ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों को अब कोटे की दुकानों पर बैठकर कार्डधारकों को अनाज का वितरण कराना होगा। अभी तक यह जिम्मेदारी नलकूप ऑपरेटरों, ग्राम पंचायत सचिवों, लेखपालों आदि के पास थी।
अब जिम्मा शिक्षकों के कंधों पर डाला गया है। डीह ब्लॉक क्षेत्र में 41 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 46 सार्वजनिक वितरण प्रणाली (कोटे) की दुकानें संचालित हैं। इनमें राशन कार्डधारकों को यूनिट के हिसाब से अनाज का वितरण किया जाता है।
अनाज वितरण में कोटेदार गड़बड़ी न कर सकें, इसके लिए पर्वेक्षण की व्यवस्था की जाती है। पर्यवेक्षक के रूप में ग्राम पंचायत सचिवों, नलकूप ऑपरेटरों आदि की ड्यूटी लगाई जाती थी। अब परिषदीय विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस संबंध में आदेश मिलने के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि 46 सहायक अध्यापकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर लगाया गया है, जो कोटे की दुकानों पर बैठकर अपनी निगरानी में अनाज वितरण कराएंगे।