रायबरेली। लोकसभा चुनाव में अब एक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जरूरतों का झंझट खत्म हो गया है। जमा हुए 34 नामांकन पत्रों में 19 के खारिज होने के बाद 15 दावेदार ही शेष बचे हैं।
सोमवार को इसमें से किसी ने अपना पर्चा वापस नहीं लिया तो भी बूथों पर दूसरी बैलेट यूनिट की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बैलेट यूनिट से 15 प्रत्याशियों के चिह्न व एक नोटा से हो चुनाव हो सकता है।
लोकसभा चुनाव में इस बार 34 लोगों ने नामांकन पत्र जमा किया था। 20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच हुई तो 19 पर्चे खारिज कर दिए गए। एक बैलेट यूनिट पर 15 प्रत्याशियों के नाम व चुनाव चिह्न अंकित करने की व्यवस्था है।
यदि प्रत्याशियों की संख्या इससे अधिक होगी तो ही बैलेट यूनिट बढ़ानी पड़ती है। जिले में 2256 मतदान बूथ बनाए गए हैं। बनाए गए बूथों की तुलना में जिले में पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध हैं। प्रत्याशियों की संख्या 15 से अधिक नहीं है, इसलिए अब बूथों पर एक-एक बैलेट यूनिट से ही चुनाव कराया जा सकेगा।
नामांकन पत्रों की जांच के लिए प्रत्याशियों की संख्या 15 रह गई है। 22 अप्रैल को कोई पर्चा वापस नहीं होगा तो भी एक ही बैलेट यूनिट से बूथों पर चुनाव हो सकेगा। बूथों पर अतिरिक्त बैलेट यूनिट और संसाधनों की व्यवस्था नहीं करानी पड़ेगी।
डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, उप जिला निर्वाचन अधिकारी