रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्रों की सभी 19 सीएचसी में गर्भवती महिलाएं अब निजी पैथोलॉजी केंद्रों से मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच करा सकेंगी। ई-पर्ची के जरिए एक माह में किसी भी दिन पैथोलॉजी जाने पर उन्हें इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। अभी ऊंचाहार सीएचसी में यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर लागू है। अब जल्द ही इसे सभी सीएचसी में लागू किया जाएगा। सीएचसी क्षेत्र में दो निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
जिले में वर्तमान समय में करीब 50 हजार गर्भवती महिलाएं हैं, लेकिन किसी भी सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है। दो सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीनें तो लगी हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को निजी पैथोलॉजी से ही अल्ट्रासाउंड जांच करानी पड़ती है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत माह की नौ तारीख को सभी सीएचसी में गर्भवती महिलाओंं की जांच और इलाज के लिए कैंप लगता है। योजना के तहत अभी सिर्फ ऊंचाहार सीएचसी में ई-पर्ची के जरिये गर्भवती महिलाओं को माह में किसी भी दिन निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर जाने पर जांच की सुविधा मिल रही है। इसके लिए दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों को योजना से जोड़ा गया है। ऊंचाहार सीएचसी में शुरू की गई इस योजना को अब जल्द ही जिले की सभी सीएचसी में लागू करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
हर सीएचसी में योजना से जुड़ेंगे दो-दो निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा देने के लिए सभी सीएचसी क्षेत्र में दो-दो निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को जोड़ा जाएगा। यहां ई-पर्ची लेकर पहुंचने वाली महिलाओं की निशुल्क जांच की जाएगी। पर्ची मिलने के 30 दिन के अंदर किसी भी दिन महिलाएं जांच करवा सकेंगी। इसके लिए उन्हें रुपये नहीं देने होंगे। सेंटरों को विभाग की ओर से जांच के एवज में तय धनराशि मिल जाएगी। हर माह नौ तारीख को लगने वाले कैंप में दो हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं इलाज कराने पहुंचती हैं।
महिलाओं के बच सकेंगे छह हजार रुपये
निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर एक बार में अल्ट्रासाउंड जांच कराने पर गर्भवती महिलाओं को एक हजार से लेकर 1200 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। गर्भावस्था के दौरान नौ माह में चार से पांच बार महिलाओं को जांच करवानी होती है। ऐसे में करीब छह हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। यह सुविधा मिलने के बाद महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकेगी।
आशा गर्भवती महिलाओं का करेंगी पंजीकरण
जांच के लिए ई-पर्ची व्यवस्था से आशाओं को जोड़ा जाएगा। ये आशा कार्यकर्ता गांव की महिलाओं के नियमित संपर्क में रहती हैं। महिलाओं का ऑनलाइन पंजीकरण भी करती हैं। यही पंजीकरण महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच में काम आएगा। हालांकि महिलाओं को जांच के लिए हर माह की नौ तारीख को लगने वाले कैंप में जाना होगा।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को ई-पर्ची के माध्यम से फ्री अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा ऊंचाहार सीएचसी में दी जा रही है। जल्द ही जिले की सभी 19 सीएचसी में योजना को शुरू कराने का प्रस्ताव है। योजना के तहत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को जोड़ा जाएगा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ