रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में ठोस एवं तरल वेस्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) के कार्यों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। समीक्षा में जिले की 94 ग्राम पंचायतों में इन कार्यों के लिए एक भी रुपये का भुगतान न किए जाने का मामला सामने आया। मनमानी उजागर होने पर शुक्रवार को डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने 94 ग्राम पंचायत अधिकारियों (वीपीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सभी को सात दिन में शत-प्रतिशत भुगतान कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले की ग्राम पंचायतों में ठोस और गीले कचरे के प्रबंधन के लिए काम कराया जा रहा है। शासन के निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। डीपीआरओ ने समीक्षा की तो सरेनी में 10, सलोन में 21, राही में 12, लालगंज व महराजगंज में चार-चार, खीरों में चार, जगतपुर में सात, दीनशाह गौरा और हरचंदपुर में 11-11, बछरावां, छतोह और डीह में 11 तथा अमावां में 14 ग्राम पंचायतों में भुगतान शून्य मिला। भुगतान न होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
मनमानी उजागर होने के बाद डीपीआरओ ने जगतपुर ब्लॉक की केवलपुर बरेथा, बैरीहार, नसीरनपुर, सांहूकुंआ, बेनीकामा, सिद्धौर, रोझइया गोकुलपुर तथा खीरों ब्लॉक की कमालपुर, मेरामऊ, अखऊपुर, जोगापुर समेत जिले की 94 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि ठोस एवं तरल वेस्ट प्रबंधन के कार्यों में एक भी रुपये का भुगतान न करने वाले 94 पंचायत सचिवों को नोटिस देकर सात दिन का समय दिया गया है। भुगतान न करने पर अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।