रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों में लाभार्थियों को छत मुहैया कराने में खंड विकास अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। सीडीओ की समीक्षा में मनमानी उजागर होने पर दो खंड विकास अधिकारियों का नवंबर महीने का वेतन रोक दिया गया है, जबकि एक बीडीओ को कारण बताओ नोटिस देकर आगामी दिसंबर महीने का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। जिले के सभी बीडीओ को लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने के आदेश दिए गए हैं। लक्ष्य की पूर्ति न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
चालू वित्तीय वर्ष में जिले में 16534 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 9771 लाभार्थियों का पंजीयन करके 9622 की जीओ टैगिंग कराई गई है। अब तक जिले में 4179 लाभार्थियों को पहली किस्त और 43 लोगों को दूसरी किस्त जारी की गई है। इसमें डलमऊ में 19, हरचंदपुर में 13, सतांव में नौ और ऊंचाहार में दो लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की गई है।
दूसरी किस्त दिलाने में शेष ब्लॉकों की प्रगति शून्य है। सीडीओ अभिषेक गोयल ने समीक्षा की तो सलोन और डीह के साथ ही छतोह ब्लॉक की प्रगति सबसे खराब मिली। मामले में सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए सलोन के खंड विकास अधिकारी रिचा सिंह और डीह के खंड विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह का नवंबर महीने का वेतन रोक दिया। छतोह के बीडीओ को कारण बताओ नोटिस देकर दिसंबर महीने का वेतन रोकने की चेतावनी दी है। अन्य खंड विकास अधिकारियों को भी लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने की चेतावनी दी है।
सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए गए हैं। सीडीओ ने सलोन और डीह के बीडीओ का वेतन रोकते हुए छतोह के बीडीओ को नोटिस जारी की है।
- प्रेमचंद्र पटेल, पीडी डीआरडीए