रायबरेली। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के बाद भी गोवंशों के संरक्षण को लेकर संबंधित अधिकारी गंभीर नहीं हैं। समीक्षा में मनमानी मिलने पर डीएम माला श्रीवास्तव ने ऊंचाहार के एसडीएम, तहसीलदार समेत छह अधिकारियों को नोटिस दिया है।
चार उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों (डिप्टी सीवीओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी तक दी गई है। सभी को दो दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में गोवंशों के संरक्षण को लेकर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। शासन ने नए गो संरक्षण केंद्रों के साथ ही गोशालाओं में अतिरिक्त टीनशेड बनवाने के आदेश दिए हैं, लेकिन इसको लेकर अधिकारी मनमाना रवैया अपनाए हुए हैं।
ऊंचाहार तहसील में एक हजार गोवंशों के संरक्षण के लिए भूमि चिन्हित करके उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। नई गोशालाओं के निर्माण के निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकारी मामले में कोई रुचि नहीं ले रहे है। मामले में डीएम ने एसडीएम आशीष मिश्रा व तहसीलदार अजय गुप्ता को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
इसके अलावा सभी उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को गोवंश संरक्षण के लिए अतिरिक्त टीनशेड व नई गोशाला निर्माण का काम शुरू कराने के आदेश दिए गए। आदेश के बाद भी सलोन, लालगंज, डलमऊ और सदर में कोई काम नहीं किया गया।
समीक्षा में मनमानी मिलने पर डीएम ने उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सलोन, लालगंज, डलमऊ, सदर को नोटिस देकर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दी है। डीएम माला श्रीवास्तव ने बताया कि गोवंशों के संरक्षण को लेकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।