रायबरेली में दीये की खरीदारी करतीं महिलाएं
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भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को मिल रहे चीन के सहयोग से लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। कई दिनों से विभिन्न संगठनाें की ओर से चीनी सामग्री प्रयोग के बहिष्कार को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसका असर बाजारों में दिखना भी शुरू हो गया है। दीयों को लेकर घट रहे क्रेज में एकाएक तेजी आ गई है। लोग चाइनीज झालरों के बजाए इस बार दीयों से आशियाना जगमगाने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि दीयों की करीब 40 फीसदी तक मांग बढ़ गई है।
कुम्हारों को अतिरिक्त दीपक बनाने पड़ रहे हैं। पिछले कई वर्ष से चीनी सामग्री की बढ़ती मांग के कारण मिट्टी का कारोबार चौपट हो गया है। वहीं इस बार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद डिमांड बढ़ने के बाद कारोबार से जुड़े कुम्हारों के चेहरे खिल उठे हैं।
कारोबार से जुड़े सियाराम बताते है कि हर साल दीपावली पर करीब 40 से 50 हजार तक दीपक तैयार करते थे। इस बार मांग बढ़ने पर 30 हजार अतिरिक्त दीये तैयार किए हैं। इसी तरह मुंशीराम बताते है कि इस बार कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है।
करीब 80 हजार दीपक बनाए हैं। मनीष सोनकर, रविशंकर का कहना है कि देश हित से बढ़कर कुछ नहीं है। पाकिस्तान का चीन साथ देगा, तो विरोध के लिए तैयार रहे। किसी भी कीमत पर चीन निर्मित सामग्री का प्रयोग नहीं करेंगे।
संजय सिंह, कन्हई राम का कहना है कि चीन हमेशा दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ रहा है। चाइनीज झालर नहीं अपने देश को मजबूत करेंगे। इसके लिए दीयों से घर सजाएंगे।