शासन स्तर पर सीएम के प्राथमिकता वाले लोहिया गांवों में विकास की अनदेखी की जा रही है। वित्तीय वर्ष के कई महीने बीतने को हैं, बावजूद इसके 10 लोहिया गांवों में 4.37 करोड़ की सड़कों के निर्माण को मंजूरी नहीं मिली है।
सड़कों की बदहाली का दंश इन गांवों में रहने वाले करीब छह हजार ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जिले में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 37 लोहिया गांव चुने गए हैं। इनमें में अन्य विकास कार्यों के साथ सड़कों की दशा भी सुधारनी है।
इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। 37 में 17 गांव पहले से ही संतृप्त हैं। शेष बचे 20 गांवों में सड़कों का निर्माण होना है।
इनमें सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, लेकिन 10 ग्राम सभाओं में 11 सड़कों के निर्माण को अब तक मंजूरी नहीं मिली, जबकि अन्य गांवों में सड़क निर्माण के लिए कुछ बजट उपलब्ध करा दिया गया।