रायबरेली। जिले से होकर गुजरने वाली कानपुर रूट की नौ ट्रेनें सोमवार को नहीं आईं। वजह यह कि छह को निरस्त किया गया, वहीं तीन ट्रेनों को दूसरे रास्तों से दौड़ाया गया। इसके अलावा अन्य रूटों की ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा। नीलांचल समेत कई ट्रेनें काफी विलंब से पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
कानपुर में गंगा पुल पर रेलवे ट्रैक के स्लीपर बदले जा रहे हैं। यह काम 13 मई तक चलेगा। इसी वजह से कानपुर रूट की ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। कानपुर-रायबरेली पैसेंजर, रायबरेली-कानपुर पैसेंजर, प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर, कानपुर-प्रयागराज पैसेंजर, कानपुर-प्रयागराज इंटरसिटी एक्सप्रेस, प्रयागराज-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस निरस्त रही। चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस और मुंबई-प्रतापगढ़ उद्योग नगरी एक्सप्रेस रूट डायवर्जन के चलते दूसरे रास्ते से चलाई गई, जिससे ये तीनों ट्रेनें इस जिले से नहीं गुजरीं।
पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस ढाई घंटे, देहरादून-बनारस जनता मेल एक घंटे, नई दिल्ली-मालदा टाउन एक्सप्रेस, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस, दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस व लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर पौन घंटे और हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल, बनारस-देहरादून जनता मेल व प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से पहुंची। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि कानपुर में चल रहे काम की वजह से ट्रेनें को संचालन प्रभावित है।
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कोरोना काल में बंद ट्रेनों के चलने की उम्मीद नहीं
रायबरेली। कानपुर और रायबरेली के बीच पहले दो पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं, जिनमें से एक पैसेंजर ट्रेन बंद है। इसी तरह रायबरेली से मुंबई के लिए साकेत लिंक एक्सप्रेस चलाई जाती थी, जिसे भी बंद कर दिया गया है। मुंबई जाने के लिए सिर्फ एक ट्रेन प्रतापगढ़ से चलती है, जो हफ्ते में दो दिन इस जिले से होकर गुजरती है। साकेत लिंक एक्सप्रेस यहीं से चलती थी, जिससे यात्रियों को काफी राहत थी। हाल ही में जिले के निरीक्षण पर आए मंडल रेल प्रबंधक एसके वर्मा से लालगंज और डलमऊ रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों ने मुलाकात की थी। बंद पैसेंजर ट्रेन को चालू कराने की मांग की तो आश्वासन मिला था कि रेलवे बोर्ड तक उनकी आवाज पहुंचा दी जाएगी। हालांकि अभी कोई सफलता नहीं मिली है। (संवाद)