नोटिस के बाद भी निर्माण करना और आरडीए में दायर वादों की पैरवी नहीं करना निर्माणकर्ताओं को भारी पड़ रहा है। आरडीए उपाध्यक्ष ओपी राय ने नौ अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है।
सभी को 15 दिन का मौका दिया गया है। इससे निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। रायबरेली विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में अवैध निर्माण को रोकने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे है।
संबंधित जोन के जेई की ओर से नोटिस देने के बाद भी निर्माण नहीं थम रहे हैं। इसके चलते निर्माण जहां पूरा हो जाता है। वहीं नोटिस के बाद भी निर्माणकर्ताओं की ओर से आरडीए में दायर वाद की पैरवी नहीं की जाती है।
इस मामले को उपाध्यक्ष ने गंभीरता से लिया है। उपाध्यक्ष ने अलग-अलग स्थान पर नौ निर्माण को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 12 निर्माण को ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। इससे अब निर्माणकर्ताओं की नींद उड़ी है। वहीं अब मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए दफ्तर के चक्कर भी लगाने शुरू कर दिए हैं।
निर्माणकर्ता का नाम स्थान
डॉ. अमृता सिंह स्टेशन रोड
नईम जेल रोड
छेदीलाल ग्रिबशाह का पुरवा
मुन्नालाल डलमऊ रोड
अविनाश सिंह वीरपाल कोठी
जितेंद्र सिंह साकेत नगर
प्रभावती आदर्शपुरम
रिचा राय शिवाजीपुरम
प्रदीप पांडेय निकट सिविल लाइंस चौराहा
आरडीए के उपाध्यक्ष ओपी राय का कहना है कि किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। अब जिन वादों की पैरवी नहीं हो रही है।
उन मामलों में जुर्माना और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी। मानचित्र स्वीकृत होने के बाद ही राहत मिल सकेगी।