रायबरेली। कोर्ट ने मिल एरिया थाना क्षेत्र में एक युवक की हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 15 हजार अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एससी/एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाली विशेष लोक अभियोजक (एससी/एसटी) अर्चना दीक्षित के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मृतक के भाई हेमराज ने थाना मिल एरिया में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 29 नवंबर 1999 की शाम करीब आठ बजे वादी का भाई उदयराज साइकिल से मैनूपुर से घर जा रहा था।
सिधौना स्थित फुलवारी बाग के निकट साइकिल महाबल का पुरवा, अमावां निवासी शिवकुमार मौर्य से टकरा गई। इस पर शिवकुमार ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वादी के भाई उदयराज को लात-घूंसों से मारा। इलाज के दौरान उदयराज की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद शिवकुमार मौर्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।