रायबरेली। अमृत योजना में बरती जा रही मनमानी को लेकर डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीर रुख अपनाया है। मामले में डीएम ने मनमानी रोकने के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
फेज-3 में 142 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। यह काम फरीदाबाद की केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करा रही है। मौजूदा समय शहर के कृष्णा नगर, तिलक नगर, यदुवंश नगर, बस्तेपुर, रामजीपुरम, जवाहर विहार कॉलोनी, तिलक नगर, पटेल नगर, बालापुर, शिवाजी नगर, शक्ति नगर, तुलसी नगर, मलिकमऊ कॉलोनी, अंबेडकर नगर समेत 20 मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाने का काम हो रहा है। कार्यदायी संस्था ने सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों को खस्ताहाल छोड़ दिया है।
लोगों का आरोप है कि प्रापर्टी डीलरों को फायदा पहुंचानेे के लिए सीवर लाइन वहां पर बिछाई जा रही है, जहां पर लोग नहीं रहते हैं। बस्ती के अंदर सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी की भराई नहीं की जा रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने गंभीर रुख अपनाते हुए जल निगम के अधिशासी अभियंता और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
अमृत योजना में सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही फर्म की काफी शिकायतें आ चुकी हैं। काम धीमा होने के साथ ही गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें आईं हैं। एक्सईएन व ईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। संस्था के सुस्त काम को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी