ऊंचाहार (रायबरेली)। भाजपा नेता के ईंट-भट्ठे पर श्रमिकों को बंधक बना लिया गया। शिकायत मिलने पर अफसरों ने पहुंचकर 40 श्रमिकों को मुक्त कराया। पट्टी रहस कैथवल गांव मेें भाजपा नेता का यश ब्रिक फील्ड नाम से ईंट-भट्ठा है।
छत्तीसगढ़ प्रांत के बिलासपुर जिले के लगभग 40 मजदूर यहां ईंट पथाई के काम के लिए दो माह पहले आए थे। आरोप है कि भट्ठा संचालक ने उन्हेंं बंधक बना लिया और जबरन काम कराना शुरू कर दिया। मजदूरों ने किसी तरह इसकी सूचना अपने घर पर दी। इसके बाद परिजनों ने छत्तीसगढ़ के श्रमायुक्त को मजदूरों के बंधक होने की सूचना दी। सूचना डीएम माला श्रीवास्तव तक पहुंची।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम आशीष मिश्रा, सीओ अशोक कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त आरएल स्वर्णकार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार व कोतवाल बालेंदु गौतम ने ईंट-भट्ठे पर पहुंचकर मजदूरों के बयान दर्ज किए। मजदूर लेखराम, राजकुमारी, विनोद कुमार, अमरौतिन, लखनी, ललिता, रवि ने बताया कि ईंट-भट्ठे पर सिर्फ खाने का पैसा मिलता था। उनसे जबरदस्ती काम कराया जा रहा। कहीं जाने नहीं दिया जा रहा है।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा में बस से श्रमिकों को उनकेे घर भिजवाया जा रहा है। उधर, भट्ठा संचालक जितेंद्र सिंह ने बताया कि मजदूरों को बंधक बनाने के आरोप गलत हैं। मजदूरों ने लगभग 10 लाख रुपये एडवांस ले रखा है। उन्हें हर हफ्ते दो हजार रुपये खर्च भी दिया जा रहा है। उनसे सिर्फ काम करने को कहा गया है।