रायबरेली। नियमित टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण स्तर पर खोले गए स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर एएनएम के 262 पद खाली हैं। जिले में एएनएम के 408 पद हैं लेकिन सिर्फ 146 स्थायी एएनएम ही काम कर रही हैं। 262 सेंटरों पर संविदा एएनएम से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संविदा एएनएम को कई-कई उपकेंद्रों पर काम करना पड़ रहा है। शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही जिले को 130 स्थायी एएनएम मिलने की उम्मीद है।
जिले में 327 स्वास्थ्य उपकेंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं। 100 से अधिक हेल्थ वेलनेस सेंटर भी चल रहे हैं। इन उपकेंद्रों पर सामान्य प्रसव तक भी व्यवस्था है, लेकिन स्थायी एएनएम की कमी के कारण सामान्य प्रसव तो दूर लोगों को अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। संविदा एएनएम के भरोसे किसी तरह आधे से अधिक उपकेंद्रों का संचालन कराया जा रहा है।
जिले में एएनएम के 408 स्थायी पद हैं, लेकिन महज 146 एएनएम ही काम कर रही हैं। 262 पद खाली हैं।
ऐसे में उपकेंद्रों पर संविदा एएनएम से सिर्फ नियमित टीकाकरण कराया जा रहा है। लोगों को गांव स्तर पर अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले को 130 रेगुलर एएनएम मिलने वाली हैं। इससे लोगों को सहूलियतें मिलेंगी।
जिले में स्थायी एएनएम की कमी है। शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। अगले महीने जिले को 130 स्थायी एएनएम मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिलनी शुरू हो जाएंगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ