रायबरेली-जगतपुर। महज चोरी करने के शक में श्रमिक की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। ढाबा संचालक उसे तब तक पीटता रहा, जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की पूछताछ में ढाबा संचालक ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पूछताछ के बाद गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के नवाबगंज गांव निवासी अमृतलाल (22) जोगमगदीपुर स्थित एक ढाबे पर काम करता था। रविवार रात उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे।
ढाबा संचालक का कहना था कि ट्रक की टक्कर से अमृतलाल को चोटें आईं। घटना के दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पहुंचकर पड़ताल की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे।
मृतक के पिता रतिपाल ने बुधवार को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ढाबा संचालक ने उसके बेटे की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी है। इस पर मामले में जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के ही सान्हूंकुआ गांव निवासी एवं ढाबा संचालक अंकुर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
जगतपुर कोतवाल अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि ढाबा संचालक ने कुबूला है कि उसे शक था कि अमृतलाल ढाबे में चोरी करता है। इसी शक में उसकी डंडे से पिटाई कर दी। इससे वह मरणासन्न हो गया। बाद में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कोतवाल का कहना है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा।