रायबरेली/लालगंज। प्रेमिका की खातिर दो दोस्तों ने मिलकर अपने ही तीसरे दोस्त की हत्या कर दी। मृतक इंटर का छात्र था और 25 जनवरी से लापता था। मंगलवार को पुलिस ने उसका शव बाईपास पुल के पास से बरामद किया।
पुलिस की मानें तो दोस्तों ने पहले छात्र को बेहोश किया। फिर उसे बोरे में भर लिया और सिर पर ईंट से वार करके मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि लालगंज कस्बे के बाईपास बदाही मोड़ निवासी शमशेर अहमद का बेटा मो. दानिश 25 जनवरी को लापता हो गया था। तहरीर मिलने पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया गया था।
मंगलवार को दानिश का शव बाईपास पुल के पास से बरामद किया गया। जांच में पता चला कि उसकी हत्या कर शव को फेंका गया था। एसपी ने बताया कि दानिश की हत्या के मामले में कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने रेलवे क्रॉसिंग के पास से लालगंज कस्बे के सब्जी मंडी निवासी अभिषेक सिंह और जालौन जिले के कैलिया थाना क्षेत्र के बेवना रजा निवासी विवेक कुशवाहा को गिरफ्तार किया। मौजूदा समय में विवेक लालगंज में बाबा का पुरवा में रहता है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पूछताछ में घटना के मुख्य आरोपी अभिषेक ने बताया कि वह और दानिश दोस्त थे। दानिश का गांव की एक लड़की से प्रेम-प्रसंग था। बीते माह दिसंबर में वह दिल्ली से वापस आया था। इसी दौरान एक कार्यक्रम में मुलाकात के बाद उसे भी दानिश की प्रेमिका से प्यार हो गया। इसके बाद से लड़की ने दानिश से बात करना बंद कर दिया। दानिश इसका विरोध कर रहा था। इसी के चलते उसकी हत्या की साजिश रची। कोतवाल ने बताया कि दानिश इंटर का छात्र था।
विवेक ने मृतक के साथ किया था धोखा
एसपी की मानें तो दानिश ने आरोपी विवेक कुशवाहा के साथ मिलकर अभिषेक की हत्या करने की साजिश रची थी। लेकिन विवेक ने दानिश को धोखा देते हुए यह बात अभिषेक को बता दी। इस पर अभिषेक सतर्क हो गया था।
25 जनवरी को तीनों की एक साथ मुलाकात हुई। सभी दानिश की स्कूटी पर बैठकर बाईपास पुल पहुंचे। यहां सभी ने शराब पी। इसी दौरान अभिषेक ने दानिश के सिर पर ईंटनुमा पत्थर से वार कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे बोरे में भरकर फिर ईंट से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। दानिश की हत्या करने के बाद शव को अपने घर के बाथरूम में छिपा दिया। रात में शव को ले जाकर बाईपास पुल के पास फेंक दिया। वहीं पर बोरे को जला दिया था।
स्कूटी को तीन किमी. दूर खड़ी किया था
एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने घटना को छिपाने के सारे प्रयास किए, लेकिन पुलिस से बच नहीं सके। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मृतक की स्कूटी घटनास्थल से तीन किमी. दूर खड़ी की थी। साथ ही अभिषेक ने दानिश का सिमकार्ड अपने पास रख लिया था और मोबाइल तोड़कर वहीं पर फेंक दिया था, ताकि पुलिस लोकेशन के जरिए उन तक न पहुंच पाए।