रायबरेली। चैत्र नवरात्र के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। देवी मंदिरों में लोगों ने मां के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। सरेनी स्थित संकटा माता मंदिर और परशदेपुर के मिढुरिन मंदिरों में देवी मां के दर्शन के लिए लोग आसपास के जिलों से भी आए। घरों में कलश स्थापना के साथ व्रत रखने वाले भक्तों ने अपने व्रत का संकल्प लिया।
डीएम हर्षिता माथुर ने चैत्र नवरात्र में व्यवस्था संबंधी जानकारी लेने के लिए शहर में मंशादेवी मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी रवि कुमार, एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने भी जायजा लिया। नौ दिनों तक मंदिरों और घर का माहौल देवी दुर्गा की भक्ति से सराबोर रहेगा। चैत्र नवरात्र बृहस्पतिवार को शुरू हो गए। शहर के मंशादेवी, मढ़ी देवी और चंपा देवी मंदिरों में देवी मां के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटी।
जगतपुर में प्रसिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह मंदिर शंकरपुर में राना बेनी माधव बक्श सिंह इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर स्थित है। सुबह चार बजे से ही मंदिर में साफ-सफाई और पूजा अर्चना शुरू हो गई। भक्तों ने जय माता दी के जयकारे लगाए। शाम को विशेष पूजा और आरती की गई।
सेमरी क्षेत्र के सिद्धि पीठ मंदिर मां अम्बिका देवी मंदिर सेमरी चौराहा, मां मुक्तेश्वरी मंदिर भागू खेड़ा, मां कामांमाई मंदिर बकुलिहा, शीतला माता मंदिर व दुर्गा माता मंदिर में भक्तों ने मां के दर्शन किए। हलोर स्थित ब्रह्मचारी मंदिर के पुजारी पंडित अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो गए हैं और इनका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा।
प्रतापगढ़ और प्रयागराज से भी आए भक्त
परशदेपुर। परशुराम की तपोस्थली नगर पंचायत परशदेपुर कस्बे के उत्तरी छोर पर स्थित आस्था का केंद्र माता मिढुरिन देवी धाम में सुबह से ही भक्तों की कतारें लगीं। यहां पर प्रतापगढ़ और प्रयागराज से भी भक्त आए। भक्तों ने मां शैलपुत्री का दर्शन कर कुमकुम, अक्षत, लाल फूल, फल, ताम्रमूल, मिष्ठान नारियल सहित वस्त्र समर्पित कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। पुजारी भोलानाथ तिवारी व प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की भक्तों ने पूजन किया।
गंगा में लगाई गई डुबकी
सरेनी। नवरात्र के पहले दिन मां संकटा धाम में दर्शनार्थियों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर माथा टेका। इसके पूर्व श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाई। इसी तरह मुरारमऊ गांव की अंबिका मां व काली मां व मनकामेश्वर धाम में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।