रायबरेली। डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन आस्था चाइल्ड केयर सेंटर में रविवार रात जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। बेटी की मौत पर बिलख रही मां आशिया को ढांडस बंधाने के बजाय नर्सिंगहोम संचालक डॉ. डीएस चंदेल उसे चुप रहने की धमकी देता रहा। अमानवीय व्यवहार यहीं नहीं थमा। डॉक्टर ने बोला चार घंटे जिया नहीं तुम्हारा बच्चा, गलती हमारी है कि तुम्हारी। यही नहीं पहलवानों को बुलाने की धमकी देते हुए यह भी बोल दिया कि गुंडागर्दी करनी है, अभी दिखाता हूं। हम बुलाने आए थे तुम्हें। दो टके की औकात नहीं है। यहीं जमीन में दबा दूूंगा...।
शहर के मधुबन रोड स्थित आस्था चाइल्ड केयर सेंटर के संचालक डॉ. डीएस चंदेल वैसे तो पेशे में लंबा समय गुजार चुके हैं, लेकिन जिस तरह उनका अमानवीय चेहरा वायरल वीडियो में सामने आया, वह देखकर न सिर्फ आम लोग, बल्कि उनके अपने ही इस अमर्यादित भाषाशैली पर सवाल उठा रहे हैं। बच्चे को बीमार होने पर अभिभावक उसके इलाज के लिए इस सेंटर में लाते हैं। उम्मीद होती कि चिकित्सक जिंदगी बचाने का काम करेंगे, लेकिन उन्हें शायद यह पता नहीं रहता है कि किसी की जान बचाने के बजाय उन्हें सबसे ज्यादा जेब भरने की फिक्र रहती है।
वीडियो में इस बात की पुष्टि भी होती है कि मरीज की मौत के बाद पीड़ित परिवार को ढांड़स बंधाने के बजाय डॉक्टर कह रहा है कि पूरा पेमेंट कराकर भगाओ इसको यहां से...। आमतौर पर देखा जाता है कि किसी अंजान व्यक्ति की मौत होने पर अपरिचित लोग गमगीन हो जाते हैं, लेकिन संचालक में न तो घटना को लेकर कोई अफसोस दिखा, बल्कि वह परिवारीजनों को ही बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार बताता रहा। फिलहाल इस घटना को लेकर वायरल वीडियो ने सभी को झकझोर कर रख दिया। सोशल मीडिया पर लोग डॉक्टर पर टिप्पणी करके नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
अमेठी जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के बाबूगंज निवासी इमरान की पुत्री महक को उसका मामा जावेद वारसी निवासी परैया छतोह 11 सितंबर की शाम साढ़े छह बजे आस्था चाइल्ड केयर सेंटर लाया था। भर्ती किए जाने के बाद रात में ही 12 बजे बच्ची की हालत खराब हो गई थी। कुछ देर बाद ही बच्ची की मौत होने के बाद परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया। रात करीब एक बजे अस्पताल पहुंचे संचालक ने परिवारीजनों को खूब धमकाया। उसका वीडियो 13 सितंबर को वायरल हो गया, जिसके बाद जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
आस्था चाइल्ड केयर सेंटर के संचालक डॉ. डीएस चंदेल का कहना है कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसे लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन परिवारीजनों ने यहीं इलाज किए जाने का अनुरोध किया था। रात में बच्ची की मौत के बाद लोगों ने अस्पताल के स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया। तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इसी कारण उन लोगों को फटकार लगाई गई। किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। अस्पताल को बदनाम करने के लिए ही दुष्प्रचार किया जा रहा है।