आधे से अधिक नमूने फेल, 30 लाख से अधिक जुर्माना
एफएसडीए ने दो साल में 512 नमूने भरे, 412 की आई रिपोर्ट, 197 नमूने फेल पाए
रायबरेली। एफएसडीए ने दो साल में 512 नमूने भरे, 412 की जांच रिपोर्ट आई। इसमें 197 नमूने फेल पाए। 100 से अधिक नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। एसीजेएम कोर्ट में 15 से अधिक मुकदमे किए गए हैं। 80 से अधिक मिलावटखोरों पर 30 लाख से अधिक जुर्माना भी कराया जा चुका है, लेकिन मिलावटखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है।
दूध, पनीर, खोया के साथ ही ब्रांडेड खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। यहां तक कि महराजगंज में भरे गए जीरे के एक भी नमूने पास नहीं हो सके। इसमें आठ नमूनों में तो सेहत के लिए खतरनाक तत्व पाए गए। विभाग ने पिछले साल में 512 खाद्य पदार्थों के नमूने सील किए। इस साल 183 खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है।
इसमें 94 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए हैं। इस साल 45 मिलावटखोरों पर 17.15 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है, जबकि पिछले साल 42 मिलावटखोरों पर 11.12 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। 100 से अधिक मुकदमों में निर्णय होना बाकी है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि खाद्य पदार्थों को यदि किसी भी वस्तु का मिलावट है तो वह सेहत के लिए खतरनाक है।
हर किसी को खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता को जरूर देखना चाहिए। दूषित खाद्य पदार्थ सेहत को बिगाड़ सकता है, इसलिए प्रयास यही करना चाहिए कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से बचा जाए। मिलावटी खाद्य पदार्थों का असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर पड़ता है। अभिहित अधिकारी एफएसडीए इंद्र बहादुर यादव ने कहा कि सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के साथ ही नमूने सील करने के आदेश दिए गए हैं।