रायबरेली। मनरेगा से विकास कार्यों में मनमानी के मामले में अपर आयुक्त ने गंभीर रुख अपनाया है। तीन गांवों में मनरेगा में 1.59 लाख के गड़बड़झाले के मामले में सीडीओ को कार्रवाई करते हुए तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। मालूम रहे कि बीती 13 मई के अंक में अमर उजाला में तीन गांवों में मनरेगा में 1.59 लाख का गड़बड़झाला पकड़ा शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर को अपर आयुक्त (मनरेगा) ने गंभीरता से लेते हुए सीडीओ को मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जवाब देने के आदेश दिए हैं। अपर आयुक्त का पत्र आने के बाद हड़कंप मच गया है।
उपायुक्त मनरेगा पवन कुमार सिंह का कहना है कि मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित पंचायतों के सचिवों और पूर्व प्रधानों से जवाब मांगा जा रहा है।
जवाब आते ही जल्द ही कार्रवाई होगी। मालूम रहे कि डीह ब्लॉक क्षेत्र के रोखा ग्राम पंचायत में मनरेगा से सड़क की पटरी की भराई के कार्य में बिना काम किए ही 1,22,258 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ में आया था।
रामनरेश, रामसजीवन, राम केश आदि श्रमिकों को बिना काम के ही भुगतान दिया गया था। जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद उपायुक्त मनरेगा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा डीह ब्लॉक के ही पूरबनायन गांव में भी 20,100 रुपये की मनमानी पकड़ में आई थी। खीरों ब्लॉक की ग्राम पंचायत खीरों में बिना इंफार्मेशन बोर्ड लगाए ही 17,319 रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सोशल ऑडिट में पकड़ा गया था।