तिलोई तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी रमई माइनर में मंगलवार की रात कटान हो गई। इससे तिलोई-पीढ़ी मार्ग पर पानी भर गया। लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
यहीं नहीं कई किसानों की धान की बेड़न भी डूब गई और खाली खेतों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाव तेज होने के कारण वह सफल नहीं हो पाए।
सूचना देने के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में जबरदस्त नाराजगी है।
मोहनगंज रजबहे से निकली रमई माइनर में एक सप्ताह पहले पानी छोड़ा गया।
मंगलवार को अचानक तेज पानी आने से मोहनगंज कस्बे के निकट माइनर कट गई। सुबह जब किसान खेतों की ओर गए तो चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। कई किसानों की धान की बेड़न डूब गई है।
कटान बंद नहीं की गई तो बेड़न सड़ सकती है। इलाकाई लोगों ने फावड़ा लेकर कटान बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाव तेज होने के कारण वह पटरी बांध नहीं पाए।
इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई देखने तक नहीं पहुंचा है। तिलोई-पीढ़ी मार्ग पर पानी भर जाने से पीढ़ी, चेतरा, कोटवा, रमई, बारकोट, फुरसतगंज, उतरपारा, लालगंज, नवावां, चेतरा बुजुर्ग गांव के करीब पांच हजार लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
यदि कटान बंद नहीं की गई तो सड़क कट सकती है। ऐसे में रात में आने-जाने वाले लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं। यही नहीं एक घर के चारों तरफ पानी भर गया है।
रामसुख, रामचरन, गुरुदीन, फयाज, मुस्तकीम, रामकरन, रामजियावन ने बताया कि तहसील के अधिकारियों को माइनर कटने की सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
यदि पानी नहीं बांधा गया तो नजदीक के गांव मुकुन का पुरवा के घरों में पानी घुस सकता है। इस बाबत सिंचाई विभाग हैदरगढ़ के जेई एसएन ने बताया कि कटान बंधवाने के लिए कर्मचारियों को भेजा जा रहा है।