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मंत्रीजी, प्रसव के नाम पर वसूले जा रहे एक हजार रुपये

Sat, 19 Nov 2016 11:45 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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मरीज से जानकारी लेते राज्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
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मंत्रीजी, प्रसव के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। एक्स-रे मशीन खराब पड़ी हैं। उक्त शिकायत शनिवार को सीएचसी ऊंचाहार पहुंचे सूबे के स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. शिव प्रताप यादव से रोगियों और तीमारदारों ने की। यह सुन मंत्री का पारा चढ़ गया और उन्होंने सीएचसी अधीक्षक समेत अन्य स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।
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सीएचसी में व्याप्त समस्याएं दूर कराने की बात कही। यही नहीं निरीक्षण के दौरान एक डॉक्टर समेत सात स्वास्थ्य कर्मी गायब मिले। इस पर उन्होंने सभी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. शिव प्रताप यादव लखनऊ से इलाहाबाद जा रहे थे। अचानक उनका काफिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊंचाहार पहुंच गया। मंत्री के आकस्मिक दौरे से वहां हड़कंप मच गया। मंत्री ने सबसे पहले उपस्थित रजिस्टर देखा।
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इस पर यूनानी चिकित्सक डॉ.कमर, क्षय रोग सहायक केके श्रीवास्तव, संविदा नर्स उमा वर्मा, नेत्र टेक्नीशियन मनोज कुमार, स्वास्थ्य कर्मी ओपी शर्मा, क्लर्क रिजवान, स्वीपर कुलदीप गैरहाजिर मिले। मंत्री ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव को सभी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

इसके बाद राज्यमंत्री को निरीक्षण में अस्पताल में पांच वर्षों से खराब पड़ी एक्स-रे मशीन और बंद पड़ा जनरेटर भी दिखा। यही नहीं हर तरफ गंदगी भी दिखी। इससे मंत्री खफा हो गए। अस्पताल मे फैली अव्यवस्था को लेकर उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को खरी खेटी सुनाई। 

ऊंचाहार देहात की रहने वाली कृष्णावती, ऊसरी के विनोद कुमार ने कहा मंत्री साहब यहां पर प्रसव कराने के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले जाते हैं। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और जांच कराने की बात कही। इस दौरान रोगियों ने शिकायत कि सीएचसी में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं।

यह बात मंत्री ने डॉक्टरों से पूछी तो उनका कहना था कि सीएचसी में एंटीबाइटिक समेत अन्य दवाओं की कमी है। एक माह पहले दवाओं के लिए मांग पत्र भेजा गया है, लेकिन दवाएं नहीं आई। इस पर मंत्री ने सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिए कि किशुनदासपुर पीएचसी के बारे मे पूरी रिपोर्ट उनको भेजी जाए।

अस्पताल निरीक्षण के दौरान जब स्वास्थ्य राज्यमंत्री को यह बताया गया कि एक माह पहले दवाओं की मांग की गई थी, लेकिन जिला मुख्यालय से दवाएं नहीं मिली है। इस पर मंत्री ने पूछा सीएमओ कौन है।

जब सीएमओ का नाम उनको बताया गया तो उन्होंने सीएमओ पर अभद्र टिप्पणी कर दी। यह सुन वहां मौजूद लोग सकते में आ गए। उन्होंने कहा कि सीएमओ व्यवस्था में सुधार कराएं, वरना उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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