जिले में सर्दी के कहर ने लोगों को घरों में रहने के लिए विवश कर दिया। शुक्रवार का दिन सर्दी का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम पारा लुढ़ककर डेढ़ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सुबह से धूप तो खिली रही, लेकिन कंपकंपी सर्दी ने सभी को बेचैन किए रखा। इस दौरान लोग धूप में ही अधिकांश समय बैठे नजर आए।
माघ मास में सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। पिछले कुछ दिन से कोहरा तो नहीं पड़ रहा है, लेकिन पारा दिन पर दिन गिरता जा रहा है। खासतौर पर पिछले दो दिन से न्यूनतम पारा में काफी गिरावट आई है। 11 जनवरी को न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं 12 को दो डिग्री पर आ गया। शुक्रवार को सारे रिकार्ड ध्वस्त करते हुए पारा डेढ़ डिग्री पर लुढ़क गया। दिन में धूप जरूर खिली रही, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिली।
सर्दी से बचने के लिए लोग धूप में बैठे रहे। वहीं शाम होते ही फिर से गलन बढ़ गई। अधिकांश लोग घरों में कैद रहे। वहीं बाजारों में लोग होटल में भट्ठियों के सहारे किसी तरह सर्दी से बचने की कोशिश में लगे रहे। स्कूल में अवकाश होने के कारण बच्चे घरों में रहे। शनिवार को मकर संक्रांति और रविवार को अवकाश होने के कारण स्कूल बंद रहेंगे।
बीते सात दिनों में ऐसे हुआ पारे में उतार-चढ़ाव
दिनांक अधिकतम न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस में)
12 जनवरी 18 2
11 जनवरी 19 4
10 जनवरी 22.50 8
9 जनवरी 24 7.05
8 जनवरी 19 8
7 जनवरी 17.05 11.05
6 जनवरी 20 8.5
सर्दी बढ़ी, फिर भी नहीं जले अलाव
जिला प्रशासन की ओर से तहसीलवार अलाव जलाने के लिए बजट खातों में जरूर भेज दिया गया, लेकिन इसमें सिर्फ खानापूरी ही की गई। कस्बाई क्षेत्रों की कौन कहे, शहर के अधिकांश चौराहों पर अलाव नहीं जले। जेल गार्डेन रोड, गोरा बाजार, रतापुर, गल्लामंडी, डिग्री कॉलेज चौराहा आदि स्थानों पर लोग ठिठुरते रहे।