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स्मृति शेष : शेर-ओ-शायरी की नामी शख्सियत थे मुनव्वर राना, रायबरेली में पैदा हुए पर कोलकाता और लखनऊ में रहे

Mon, 15 Jan 2024 02:06 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली

सार

मशहूर शायर मुनव्वर राना किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। रविवार देर रात उनका लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। यह खबर पता चलते ही उनके पैतृक आवास किला बाजार में लोगों का जमावड़ा लग गया।
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मुनव्वर राना file - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मशहूर शायर मुनव्वर राना किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। रविवार देर रात उनका लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। यह खबर पता चलते ही उनके पैतृक आवास किला बाजार में लोगों का जमावड़ा लग गया। हालांकि परिवार वाले यहां नहीं हैं। निधन से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

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शेर-ओ-शायरी की दुनिया का एक चमकता सितारा दुनिया को अलविदा कह गया। माँ पर लिखी रचनाओं के साथ ही उनकी अन्य शायरी हमेशा याद की जाएंगी। रायबरेली शहर के किला बाजार में 1952 में जन्मे मुनव्वर राना की जिंदगी ज्यादातर कोलकाता और लखनऊ में गुजरी। पढ़ाई भी कोलकाता में हुई। एक शायर के रूप में उन्हें काफी पहचान मिली। देश-विदेश में उन्हें काफी सराहा गया। इतनी बड़ी शख्सियत होने के बावजूद उनका जिले से लगाव कम नहीं रहा। उर्दू साहित्य के लिए 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ ही कई सम्मान और पुरस्कार मिले। अपने बयानों को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहते थे।

पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं किला बाजार निवासी मो. इलियास मन्नी ने बताया कि मुनव्वर राना के निधन से हर कोई दुखी है। मुनव्वर राना छह भाई थे। बड़े भाई यहया राना का काफी पहले निधन हो गया था। दूसरे भाई शकील राना का पिछले साल इंतेक़ाल हुआ था। अब मुनव्वर राना हमारे बीच नहीं रहे। वर्तमान में तीन भाई इस्माइल राना, राफे राना और जमील राना है। राना परिवार के करीबी हैदर बताते हैं कि मुनव्वर राना ने जिंदगी का ज्यादातर वक्त कोलकाता में गुजारा। लगभग दो दशक से लखनऊ में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। रायबरेली कभी कभी आते थे, लेकिन बीमारी की वजह से दो साल से नहीं आए। मुनव्वर के बच्चे जरूर पुश्तैनी घर किला बाजार आते रहे है।

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