रायबरेली। जिले में कोडीनयुक्त सिरप के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका है। शहर के कल्लू का पुरवा में संचालित दवा एजेंसी के संचालक ने लखनऊ से सिरप खरीदने के बाद लखनऊ की ही कई दुकानों पर बिक्री की है। अन्य जिलों में भी आपूर्ति के साक्ष्य जांच में मिले हैं। जिले में एजेंसी समेत दो दुकानें अब तक सील की गई हैं। एजेंसी व मेडिकल स्टोर संचालक मोबाइल बंद कर भाग गए हैं।
जिले में लंबे समय से कोडीनयुक्त सिरप का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस सिरप का उपयोग नशे के लिए किया जा रहा है। इसके बाद भी मोटी कमाई के लिए सिरप का कारोबार जारी रहा। लखनऊ में ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने अभियान चलाकर दवा एजेंसियों की जांच की थी। लखनऊ के इदिका लाइफ साइंसेज टांसपोर्ट नगर से जिले के कल्लू का पुरवा में संचालित अजय एजेंसी के संचालक ने पिछले 10 माह में करीब 1.75 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप खरीदी थी।
मामला संज्ञान में आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने एजेंसी को सील कर दिया था। जांच में साक्ष्य मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस खीरों को भी सील किया गया है। शिवगढ़ में भी एक दुकान में कार्रवाई की गई। अब तक की जांच में लखनऊ में ही सिरप बेचने के साक्ष्य मिले हैं। कई और जिले की दुकानों को एजेंसी संचालक ने सिरप बेची है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने संचालकाें को नोटिस देकर जवाब मांगा है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही हैं। संचालक मोबाइल बंद करके भाग गए हैं। जल्द ही सिरप के संबंध में साक्ष्य न देने पर मुकदमा किया जाएगा।