रायबरेली। चिकित्सा के क्षेत्र में जिले में एक और इतिहास गढ़ने की उम्मीद जल्द ही पूरी होने वाली है। यूपी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली को पहला एमबीबीएस डॉक्टर बनाने का गौरव मिलने के साथ ही सितंबर महीने से मेडिकल कॉलेज और 100 बेड का हॉस्पिटल भी शुरू करने की तैयारी है। एम्स में तैयार 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की पहली खेप वर्ष 2024 में निकलेगी। पिछले साल डॉक्टरी की पढ़ाई शुरू कराने के साथ ही जुलाई 2020 में एम्स में इलाज शुरू होना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण मंशा पूरी नहीं हो सकी। नए निदेशक के ज्वाइन करने के बाद काम में तेजी आ गई है।
शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में 1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व स्टाफ के लिए आवास का काम पूरा होने के बाद पिछले साल की 13 अगस्त से ओपीडी शुरू हुई थी। अब तक करीब एक लाख रोगियों को यहां ओपीडी का लाभ दिया गया है। करीब 278 करोड़ की लागत से 600 बेड के एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) बनाने का काम चल रहा था। 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा भी हो चुका है। इसी महीने भवन का काम पूरा होना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम में देरी हो गई। जुलाई 2020 से मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल शुरू कराने की मंशा भी लॉकडाउन के कारण पूरी नहीं हो सकी।
एम्स में आगामी सितंबर महीने से मेडिकल कॉलेज के साथ ही 100 बेड का अस्पताल शुरू करने की कवायद शुरू हो गई। स्टाफ की भर्ती के लिए मंत्रालय से पहले ही पद स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा हॉस्पिटल के लिए संसाधनों को जुटाने का काम भी चल रहा है। एमबीबीएस का दूसरा बैच आरंभ करने से पहले हॉस्पिटल को हरहाल में शुरू कराया जाएगा। हालांकि एम्स के निदेशक के ज्वाइन करने के कारण काम में तेजी आ गई है। इससे जिले के लोगों की उम्मीदें बढ़ भी गई हैं।
एम्स परिसर में पहले से खड़े जर्जर 76 आवासों को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने ध्वस्त करा दिया है। चीनी मिल की यह जमीन भी एम्स को मिल चुकी है। इसके अलावा किसानों से जमीन की व्यवस्था के लिए एडीएम प्रशासन ने शासन से बजट की डिमांड कर दी है। जल्द ही यह बजट मिलते ही किसानों की जमीन भी एम्स को मिल जाएगी, जिसके बाद एम्स के विस्तार का काम और तेज हो जाएगा।
एम्स के रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से 991 रेगुलर पदों को हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। एम्स में 183 सुपर स्पेशलिस्ट व अन्य डॉक्टरों के साथ 700 नर्सिंग के रेगुलर पद भरे जाएंगे। भारत सरकार से पदों की स्वीकृति मिलने के बाद पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द ही आरंभ होने वाली है।
लॉकडाउन के कारण एम्स के मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल को शुरू कराने में देरी हो रही है। प्रयास किया जा रहा है कि आगामी सितंबर महीने से कॉलेज और हॉस्पिटल शुरू करा दिया जाए। इसके लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।
प्रो. अरविंद राजवंशी, डायरेक्टर एम्स