डीह। मौलाना मुर्तजा (45) की हत्या बदला लेने की नीयत से की गई थी। हथौड़ी व ईंट से पीट-पीटकर उन्हें मारा गया था। हमलावरों ने मृतक मौलाना की बेटी पर फायरिंग की गई थी, लेकिन वह बच गई थी। यह खुलासा सोमवार को हिरासत में लिए गए दो आरोपियों की पूछताछ में हुआ। पुलिस ने दोनों को जेल भेजा है। वारदात में 10 लोग शामिल थे। पुलिस अन्य आठ हमलावरों की तलाश कर रही है।
नसीराबाद थाना क्षेत्र के उत्तरी पाठक मजरे बिरनावां गांव निवासी मौलाना मुर्तजा (45) पुत्र मुस्तफा की शुक्रवार को डीह इलाके मेंं दिनदहाड़े धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के ही आरोपी मो. अयूब, उसके बेटे मो. नईम के अलावा जब्बार, मो. मुर्तजा पुत्र सलामत, मो. जुबैर, मो. रफीक के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस जुबैर और रफीक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी।
डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज के मुताबिक दोनों आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुर्तजा और अयूब की 35 साल से रंजिश चल रही थी। 2022 में मुर्तजा ने अयूब की कब्जे वाली भूमि पर खड़ंजा लगवा दिया था। अयूब के हर मामले में मुर्तजा टांग अड़ा रहा था। इस पर मुर्तजा से बदलने लेने की योजना बनाई गई थी। तय हुआ था कि शुक्रवार को मुर्तजा नमाज पढ़ाने पूरे जालिम गांव जाता है और दोपहर में लौटता है। उस दिन मुर्तजा अपनी बेटी इशरतजहां को ससुराल से लेकर घर जा रहे थे।
थाना प्रभारी के मुताबिक मुर्तजा पर फायरिंग की गई थी, लेकिन वह बच गया था। इस पर हमलावरों ने हथौड़ी व ईंट से वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया था। बेटी पर भी फायरिंग की गई थी, लेकिन उसने भागकर जान बचाई थी। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अयूब, उसके बेटे नईम समेत आठ हमलावर फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हैं।