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अनामिका नाम से नौकरी कर रही थी मंजेश, लखनऊ में गिरफ्तार

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रायबरेली/बछरावां। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बछरावां में विज्ञान विषय की पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर अनामिका शुक्ला के नाम से तैनात रही शिक्षिका मंजेश कुमारी है। उसने अनामिका शुक्ला के अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाई और उसके नाम से ही तैनात रही। मामला उजागर होने के बाद से वह फरार चल रही थी।
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मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद बछरावां पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एसपी ने 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस ने लखनऊ के बालागंज से महिला को गिरफ्तार कर लिया।
अनामिका शुक्ला प्रकरण पूरे प्रदेश में काफी चर्चित रहा। अनामिका शुक्ला नाम से प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षिकाओं के तैनात होने का मामला उजागर हुआ था। इस जिले के कस्तूरबा विद्यालय बछरावां में बीते वर्ष मार्च में अनामिका शुक्ला नाम से शिक्षिका के तैनात होने का पता चला तो अफसर हरकत में आए।
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बीएसए ने बछरावां थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। अनामिका शुक्ला के नाम से विद्यालय में तैनात रही महिला के पकड़े जाने के बाद सोमवार को बछरावां पुलिस ने खुलासा किया। बछरावां थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया गया कि पकड़ी गई महिला कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र के बेहटा रामपुर की रहने वाली मंजेश कुमारी उर्फ अंजलि है।
बछरावां पुलिस ने बताया कि मुखबिर से पता चला कि कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से काम करने वाली महिला लखनऊ के बालागंज चौराहा स्थित हेल्थ पॉइंट में काम कर रही थी। इस पर रविवार को पुलिस टीम ने बालागंज चौराहे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 600 रुपये नकद और दो की-पैड मोबाइल मिले हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से दूसरी महिला नौकरी कर रही थी जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। बछरावां पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
कस्तूरबा विद्यालय बछरावां में अनामिका शुक्ला नाम से एक शिक्षिका के तैनात होने का पता चला तो मार्च 2020 में बीएसए ने मानदेय रोक दिया था। शिक्षिका को मूल अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। यह शिक्षिका मार्च 2019 से बछरावां में तैनात थी। शिक्षिका तो अभिलेखों के साथ उपस्थित नहीं हुई लेकिन दो महीने बाद मई 2020 में वाट्सएप के जरिये इस्तीफा जरूर भेजा गया था।
प्रकरण में बीएसए ने एफआईआर दर्ज कराई थी। बीते वर्ष जून में शिक्षिका की संविदा समाप्त कर मानदेय के रूप में प्राप्त की गई धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए गए थे। इस प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर दिसंबर में जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) को भी पद से हटा दिया गया था।
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