रायबरेली। नसीराबाद में पंजाब नेशनल बैंक शाखा के एटीएम से 10 लाख रुपये निकाल लिए गए। एटीएम में पैसा भरने वाली कंपनी के कस्टोडियन ने ही अपने दो साथियों संग वारदात अंजाम दी।
चार दिन पहले बैंक मैनेजर की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच की तो खुलासा हो गया। नसीराबाद पुलिस ने मंगलवार को कस्टोडियन और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया।
एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूूर है। दोनों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक व नकदी बरामद कर ली है। पुलिस ने चोरी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक की नसीराबाद शाखा के एटीएम से 12 अगस्त को 10 लाख रुपये गायब हो गए थे।
बैंक मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में नसीराबाद पुलिस ने भदोखर थाना क्षेत्र के पीतांबरपुर मजरे मेजरगंज गांव निवासी वेद मिश्रा और प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र के पूरे नेवाजी शुक्ल मजरे अजगरा पोस्ट रानीगंज निवासी राहुल कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया।
वहीं कानपुर देहात जिले के मंगलपुर थाना क्षेत्र के करियाझाला गांव निवासी विमल कुमार दिवाकर भाग गया। पुलिस विमल की तलाश कर रही है।
एएसपी के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि पकड़ा आरोपी वेद मिश्रा एटीएम में पैसा भरने वाली प्राइवेट सीएमएस कंपनी (कैश मैनेजमेंट सर्विस) रायबरेली में कस्टोडियन था।
वह एटीएम में कैश लोड करता था, लेकिन उसे एटीएम से संबंधित सारी जानकारी थी। दूसरा आरोपी राहुल शुक्ला भी पहले इसी कंपनी में कानपुर में कस्टोडियन रह चुका था।
वेद ने दो साथियों के साथ मिलकर एटीएम से पैसा लूटने की साजिश रची। चूूंकि वेद कस्टोडियन था, इसलिए उसे एटीएम मरम्मत के मैसेज की जानकारी पहले ही थी।
उसने साथियों के साथ एटीएम से 10 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद पैसों को आपस में बांट लिया। इधर, एटीएम से पैसा न निकलने पर ग्राहक परेशान थे। बैंक मैनेजर ने 12 अगस्त को थाने में केस दर्ज कराया था।
थाने में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलने से आरोपी परेशान थे। रविवार को पुलिस के डर के मारे आरोपी एटीएम में पैसा डालने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें मेंहदीगंज नसीरपुर पुलिया मोड़ के पास से दबोच लिया।
इस तरह अंजाम दी वारदात
पुलिस के मुताबिक आरोपी वेद कस्टोडियन था। इसलिए उसे एटीएम में कैश भरने और उसकी मरम्मत करने की पूरी जानकारी थी। एएसपी ने बताया कि एटीएम के अंदर पैसा वाली ट्रॉली होती है, जिसमें रुपये रखे जाते हैं। यदि ट्रॉली में पैसे को ठीक तरीके से दबाकर नहीं रखोगे तो एटीएम से पैसा नहीं निकलेगा।
वेद ने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पैसा तो डाला था, लेकिन उसे ठीक तरीके से दबाया नहीं था। इसलिए ग्राहक जब भी पैसा निकालने जाते, पैसा नहीं निकलता था।
मैनेजर की तरफ से इसकी शिकायत एटीएम में पैसा भरने का काम करने वाली सीएमएस कंपनी से की गई थी। कंपनी की तरफ से कस्टोडियन वेद को एटीएम की मरम्मत करने के लिए भेजा गया था। एटीएम की मरम्मत का मैसेज वेद के पास पहुंच गया था। इसी वजह से उसने साथियों के साथ मिलकर एटीएम से लूूट की घटना को अंजाम दे दिया।
कर्ज में डूबा था वेद
पुलिस के मुताबिक आरोपी वेद कर्ज में डूबा था। इस वजह से वह बहुत परेशान था। कर्ज अदायगी के लिए उसने साथियों के साथ मिलकर बैंक एटीएम से लूट की साजिश रच डाली।