रेलवे स्टेशन रोड पर इलाहाबाद बैंक का एटीएम लगा है। सुबह से ही लोग यहां पर रुपया निकालने के लिए पहुंचते रहे, लेकिन खराब होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा था। ग्राहक शंभू सिंह, अभिषेक यादव का कहना था कि हर दिन एटीएम का यही हाल है। यहां आने पर पता चलता है कि एटीएम खराब है।
जहानाबाद स्थित इंडिकैश बैंक के एटीएम का शटर भी गिरा नजर आया। ग्राहक जाते और फिर वापस लौट आते। ग्राहक संतोष सिंह, सरजू वर्मा का कहना था कि एटीएम में धन न होने के कारण इसे बंद कर दिया गया है। एटीएम कब चालू होगा, यह कोई बताने वाला नहीं है। इससे दिक्कत हो रही है।
सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक का एटीएम भी ग्राहकों के लिए शोपीश बना रहा। ग्राहक बड़ी उम्मीद के साथ धन निकालने पहुंचते, लेकिन एटीएम खाली देख मायूस हो जाते। उनका कहना था कि नोटबंदी जैसे हालात अब फिर दिखने लगे हैं। धन न मिलने से समस्या झेलनी पड़ रही है।
ये तीन केस बताने के लिए काफी हैं कि जिले में कैश की किल्लत से किस तरह लोग जूझ रहे हैं और एटीएम महज शोपीश बनकर रह गए हैं। मौजूदा समय की बात करें तो विभिन्न बैंक शाखाओं के करीब जिलेभर में 300 एटीएम हैं। इसमें से शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में 80 एटीएम शोपीश बनकर रह गए हैं। किसी में भी धन नहीं है।
ऐसे में किसी के शटर गिर गए हैं तो कोई खुले हैं, लेकिन उसमें कैश नहीं है। एटीएम में कैश न होने के कारण बैंकों पर इसका असर दिख रहा है। सुबह से ही बैंकों में धन निकासी के लिए मारामारी मच जाती है। एक सप्ताह से अधिक समय से एटीएम में कैश न होने का संकट व्याप्त है, लेकिन इसे अभी दूर नहीं किया जा सका है। हालात यही रहे तो अन्य एटीएम के शटर भी गिर जाएंगे।
जिला अस्पताल रोड निवासी विपिन त्रिवेदी, प्रगतिपुरम निवासी दुर्गेश श्रीवास्तव, जहानाबाद निवासी आसिफ खान और आफताब कहते हैं कि एटीएम में कैश नहीं है। इसलिए एटीएम शोपीश बने हैं। इस समय बच्चों की फीस जमा करनी है। अनाज खरीदना है। कैश की जरूरत है। एटीएम जाओ तो बंद पड़े रहते हैं। बैंक जाने पर भीड़ अधिक रहती है, जिससे कैश मिलना मुश्किल हो जाता है। सरकार को समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है।
एलडीएम बृजमोहन का कहना है कि कैश की कमी की वजह से एटीएम भर नहीं पा रहे हैं। इसी वजह से एटीएम में कैश नहीं है। उच्चाधिकारियों से इस बाबत करके कैश की कमी दूर कराए जाने की बात कही गई है। जल्द कैश के संकट से ग्राहकों को राहत मिलेगी।
वहीं लालगंज एटीएमों में रुपये की किल्लत से लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। दो दिन बैंक बंद होने से लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ जाएंगी। कस्बे में लगे सभी एटीएम रुपये न होने के कारण बेकार नजर आए। इलाकाई लोगों ने बैंक अधिकारियों से समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है।
लालगंज कस्बे में लगे एटीएम रुपये न होने से बेकार रहते हैं। कुछ का तो शटर खुला रहता है और कुछ का शटर बंद कर दिया जाता है। ओरी का पुरवा गांव निवासी सुरेश दीक्षित ने बताया कि इस समय शादी का सीजन चल रहा है। लोगों को रुपयों की बहुत जरूरत होती है। लेकिन रुपये न होने के कारण एटीएम बेकार साबित हो रहे हैं।
गायत्रीपुरम मोहल्ला निवासी रवि ने बताया कि एटीएम लगने के कारण लोगों को बड़ी सहूलियतें मिली थी, लेकिन कस्बे में लगे सभी एटीएम में रुपये न होने के कारण मजबूर होकर बैंक में धक्के खाने पड़ रहे हैं। इनके अलावा जयचंद्र द्विवेदी, सुनील गुप्ता, अतुल मिश्रा, रूपेश अग्निहोत्री, रामबाबू ने बताया कि जिन एटीएम में रुपये होता भी है तो उनके बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं।
शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहेंगी। कस्बे में लगे एसबीआई बैंक, बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स सहित कस्बे में लगे तमाम एटीएम रुपये न होने की वजह से बेकार साबित हो रहे हैं।