रायबरेली। चिलचिलाती धूप और गर्मी लोगों को बीमार कर रही है। बुखार के चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाए गए नौ साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। डायरिया और बुखार के 18 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। ओपीडी में भी उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं। परचा काउंटर पर बृहस्पतिवार को महिलाओं की लंबी लाइन देखने को मिली।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बीती शुक्रवार शाम गुरुबख्शगंज क्षेत्र के पूरे कोड़े गांव निवासी रोशन (9) पुत्र बबलू को भर्ती कराया गया। बच्चा बुखार से ग्रसित था। इलाज के दौरान रात में बच्चे की मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह से ही बुखार व डायरिया के मरीजों की भीड़ इमरजेंसी में रही। प्रकाश (12), विपिन (18), शाबिरा (50), हेमलता (43), भोलेंद्र (42), नीलम (32), मिथलेश (40), राजकुमारी (60), आरोही (12), इरशाद (50), शिवाय (2), मथुरा (60), विनय (11), प्रणय (40) समेत 18 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। वार्डों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
उधर, ओपीडी में सुबह से ही भीड़ रही। खासकर मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक 650 से अधिक रोगी पहुंचे। डॉ. गौरव त्रिवेदी व अन्य चिकित्सकों ने एक-एक करके मरीजों को चिकित्सीय सलाह दी। दवा काउंटर पर लंबी लाइन देखने को मिली। 1900 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचे।
गर्मी में अहतियात बरतें लोग : डॉ. गौरव
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि गर्मी में अहतियात बरतने की जरूरत है। तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। तेल, मसाले से बचें। खासकर बासी खाने का प्रयोग न करें। खानपान पर संयम बरतें। खानपान खराब होने पर डायरिया का ज्यादा खतरा है। धूप से भी बचें। समस्या होने पर नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें।
मौसम में तेजी से बदलाव आया है। ऐसे में डायरिया के साथ ही बुखार के मरीज बढ़े हैं। वार्डों के साथ ही ओपीडी में भी मरीजों की जांच और इलाज के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। लोग अहतियात बरतें और समय से इलाज कराएं।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल