ऊंचाहार। प्रेम प्रसंग में हुई हत्या के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने दोषी राम सुमेर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। घटना 13 साल पहले हुई थी।
ग्राम हसनगंज निवासी रामदास का आरोपी राम सुमेर की पत्नी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रामदास आए दिन उनके घर पत्नी से मिलने जाता था। यह बात रामसुमेर को नागवार लगती थी। 12 दिसंबर 2013 की रात लगभग 10 बजे रामदास उनके घर पहुंचे। इस दौरान पहले से घात लगाए बैठे रामसुमेर ने उन पर फावड़े से वार कर दिया। रामदास वहीं गिर गए और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे राम मोहन ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचक तत्कालीन कोतवाली प्रभारी परशुराम त्रिपाठी ने जांच के बाद मामले में 29 दिसम्बर 2013 को आरोप पत्र दाखिल किया था।