साथी पर दर्ज एफआईआर से सोमवार को दीवानी कचहरी के अधिवक्ताओं का गुस्सा सड़क तक पहुंच गया। आक्रोशित वकीलों ने न सिर्फ पुलिस जीप रोक ली, बल्कि सदर कोतवाल के साथ तीखी तकरार भी की।
यही नहीं रोड जाम करके हरचंदपुर एसओ के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। वकील साथी पर दर्ज की गई रिपोर्ट को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
रोड जाम से बस स्टेशन और जिला अस्पताल जाने वाली सड़क पर डेढ़ घंटे तक आवागमन ठप रहा। इससे लोग फंसे रहे और उनको परेशानी झेलनी पड़ी। सीओ महराजगंज से वार्ता के बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ।
सेंट्रल बार एसोसिएशन की अगुवाई में कचहरी परिसर में वकील एकत्र हुए। अधिवक्ताओं ने साथी संतन अंशुमौलि आदि के खिलाफ केस लिखने वाले एसओ हरचंदपुर भानु सिंह के खिलाफ गुस्सा निकाला।
वकीलों ने कामकाज ठप करके कचहरी परिसर में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मेनगेट के सामने कचहरी रोड को जाम कर दिया। इसी बीच कोतवाली पुलिस की जीप आ रही थी, जिसे वकीलों ने रोक दिया।
इस पर कोतवाल शैलेंद्र त्रिपाठी ने समझाने का प्रयास किया तो कोतवाल और वकीलों के बीच काफी देर तक तकरार हुई। कई बार हाथापाई की नौबत आई। यही नहीं जाम के दौरान जबरिया निकलने की कोशिश करने पर वकीलों की उनसे भी झड़पें हुई।
जाम लगने से दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। वकील केस हटाने के साथ ही एसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। बवाल बढ़ता देख सीओ महराजगंज एसके सिंह पहुंचे।
उन्होंने लाइब्रेरी भवन में वकीलों की मौजूदगी में बार पदाधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने साथी वकील के खिलाफ डकैती की धारा 395 हटाने की सूचना देते हुए तीन दिन के अंदर धारा 354 को भी हटाने का आश्वासन दिया।
इस पर बार अध्यक्ष रमेश चतुर्वेदी, महामंत्री रामसजीवन चौधरी ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।