रायबरेली। जाली दस्तावेज के जरिये भू माफिया ने एक व्यक्ति के नाम की जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के निंबावर गांव निवासी रामकुमार के मुताबिक उनके चाचा स्व. सालिकराम ने अपनी वसीयत के माध्यम से अपनी समस्त चलअचल संपत्ति उन्हें दान कर दी थी। चाचा की मृत्यु के बाद से संपत्ति का निर्बाध रूप से उपयोग कर रहे थे। भूमाफिया चड़रई निवासी अरूण कुमार द्विवेदी, केवलपुर निवासी किशोर कुमार, भागीपुर गांव निवासी अशोक कुमार सिंह ने मिलकर दयाशंकर दीक्षित नामक एक फर्जी व्यक्ति से सांठगांठ की।
उन्होंने दयाशंकर दीक्षित का मूल निवास ग्राम निंबावर दर्शाते हुए और वर्तमान पता इंदौर मध्य प्रदेश बताते हुए ऊंचाहार सब रजिस्ट्रार कार्यालय से 27 मई 2025 को एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार करवाया। दयाशंकर दीक्षित कभी भी ग्राम निंबावर का निवासी नहीं रहा। पीड़ित आरोप है कि इन भू माफिया ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
जब राम कुमार को इस कूटरचना की जानकारी हुई तो उन्होंने राजस्व न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराई। राजस्व न्यायालय ने भूमाफियाओं द्वारा कराए गए फर्जी आदेश को स्थगित कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उसने ऊंचाहार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी अजय कुमार राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच बाद प्रकरण में कार्रवाई होगी।