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हरचंदपुर, डीह व बेलाभेला सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड

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रायबरेली। अस्पतालों को साफ-सुथरा रखने की परीक्षा में जिले की हरचंदपुर, डीह और बेलाभेला पीएचसी पास हो गई हैं। शासन स्तर से तीनों अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड दिया गया है। अवार्ड के रूप में अस्पतालों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।
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हरचंदपुर सीएचसी को तीसरी बार और डीह को दूसरी बार अवार्ड मिला है। जिले की पांच सीएचसी को अवार्ड के लिए चिह्नित किया गया था लेकिन डलमऊ और जतुआ-टप्पा सीएचसी अवार्ड पाने में फेल हो गईं।
प्रदेश में कई वर्षों से क्वालिटी एश्योरेंस के तहत अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड दिया जा रहा है। पूर्व में हरचंदपुर, सलोन, डीह सीएचसी और जिला पुरुष व महिला अस्पताल को यह अवार्ड मिल चुका है।
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पिछले एक साल से जिले के सभी अस्पतालों में योजना के तहत सात बिंदुओं पर साफ-सफाई का कार्य कराया गया। मंडल व प्रदेश स्तर की टीमों ने कई बार जिले में पहुंचकर चिह्नित सीएचसी में मानकों की जांच की। जिला महिला और पुरुष अस्पताल को दो महीने पहले ही पुरस्कार मिल चुका है।
जिले की पांच सीएचसी को पुरस्कार मिलने की उम्मीद थी लेकिन अंतिम दौर में डलमऊ और जतुआ-टप्पा सीएचसी फेल हो गईं। अधीक्षक डॉ. शरद कुशवाहा के प्रयास से हरचंदपुर सीएचसी को तीसरी बार अवार्ड मिला है। इसके अलावा डीह और बेलाभेला सीएचसी को भी कायाकल्प अवार्ड के रूप में एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।
क्वालिटी एश्योरेंस के जिला सलाहकार डॉ. रविकांत का प्रयास लगातार रंग ला रहा है। वे जिले को अब तक 13 बार अवार्ड दिला चुके हैं। जिला अस्पताल को एक-एक बार एनक्यूएस अवार्ड, दो-दो बार कायाकल्प अवार्ड दिला चुके हैं।
इसके अलावा सीएचसी को भी कई बार अवार्ड दिलवा चुके हैं। डॉ. रविकांत का कहना है कि अगले चरण के लिए जिले के सभी अस्पतालों में कायाकल्प अवार्ड के लिए काम कराया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि जिले की सभी सीएचसी को अवार्ड मिले।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कायाकल्प अवार्ड पाने वाले अस्पतालों के पूरे स्टाफ को बधाई है। साथ ही अन्य अस्पतालों में भी साफ-सफाई को लेकर अच्छा काम हो जिससे अगली बार उनके अस्पतालों को भी अवार्ड मिल सके।
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