कांशीराम आवास में सोमवार की रात छज्जा भरभरा कर ढह गया। इससे लोग बाल-बाल बच गए। सुबह आक्रोशित लोगों ने आरडीए और डूडा अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कहा कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। वहीं मरम्मत करने भी कोई नहीं आता है।
बसपा सरकार में कांशीराम आवास का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद इसकी मरम्मत और देखरेख को लेकर अफसर लगातार उदासीन बने हैं। इसके कारण जगह-जगह प्लास्टर निकलने लगे है।
वहीं कुछ छतों में दरार भी पड़ गई। इससे यहां पर रहने वाले लोगों में हमेशा भय व्याप्त रहता है। शनिवार की रात में भी छज्जा ढह गया। गनीमत रही कि उसके नीचे कोई नहीं था।
मुंशीलाल, संगीता, पिंटू सोनकर, सतीश शुक्ला का कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। सलीम, कल्लू, राजेंद्र ने डीएम से जांच कराने की मांग की।
उधर, आरडीए के मुख्य अभियंता एसके सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं है। मौके पर कर्मचारी को भेजा गया है। जांच के बाद ही कुछ पता चल सकेगा।