रायबरेली। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.अ.) की यौमे पैदाइश के मौके पर बुधवार को जिलेभर में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार अकीदत और उल्लास से मनाया गया। शहर में खिन्नीतल्ला से पारंपरिक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला, जिसमें 40 से अधिक अंजुमनों और मदरसों ने शिरकत की। रास्तों में स्वागत गेट लगाए गए।
सुबह लगभग 8:30 बजे खिन्नीतल्ला से स्थित एदारा-ए-शरैया से मौलाना अरबी-उल-अशरफ की अगुवाई में जुलूस निकला, जो खोवा मंडी, कैपरगंज, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, डबल फाटक, जहानाबाद, कहारों का अड्डा होते हुए वापस खिन्नीतल्ला चौराहे पर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल विभिन्न अंजुमनों ने 15 से अधिक झांकियां भी सजाईं, जिनमें मक्का और मदीना की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
जुलूस में दारुल उलूम हबीबिया गुलशने रजा, दारुल उलूम गुलशने मदीना, जामिया मदीनतुल उलूम, मदरसा इस्लामिया अहले सुन्नत, दारुल उलूम गरीब नवाज, दारुल उलूम कादरी, मदरसा गुलशन-ए-मखदूमिया, अंजुमन वारसिया, अंजुमन कबूल आलम शाह, मिलाद कमेटी टाउन हॉल, अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा, सीरत कमेटी, खिदमते खल्क सोसाइटी, अंजुमन गुलामाने मुस्तफा, रजा कमेटी, अंजुमन फिदा-ए-मुस्तफा, मदरसा महमूदिया, अंजुमन दस्ता-ए-जैनुल एबा समेत 40 से अधिक अंजुमनों और मदरसों ने शिरकत की।
इनसेट
अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा को मिला पहला मुकाम
जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल उन झांकियों को सम्मानित किया गया, जो सबसे अच्छी रहीं। राष्ट्रीय जागरूक मुस्लिम मोर्चा के संस्थापक/प्रदेश अध्यक्ष आफताब अहमद (रज्जू खान) ने एदारा-ए-शरैया के नाजिमेआला मौलाना अरबी-उल-अशरफ के हाथों अंजुमनों को शील्ड दिलाई गई। पहला स्थान अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा छोटा घोसियाना और दूसरा स्थान अंजुमन आशिकाने मुस्तफा बहराना को मिला। तीसरे स्थान पर लश्करे आला हजरत तेलियाकोट और बड़ा घोसियाना की अंजुमन रही।
-रायबरेली में शहर में निकलते बारावफात के जुलूस में शामिल बच्चे
-रायबरेली में शहर में निकलते बारावफात के जुलूस में शामिल बच्चे
-रायबरेली में शहर में निकलते बारावफात के जुलूस में शामिल बच्चे
-रायबरेली में शहर में निकलते बारावफात के जुलूस में शामिल बच्चे
-रायबरेली में शहर में निकलते बारावफात के जुलूस में शामिल बच्चे