रायबरेली। नेहरू नगर स्थित एक नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अजय श्रीवास्तव के आवास से चोरों ने जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चर्चा है कि चोर एक करोड़ से अधिक कीमत के आभूषण,नकदी व अन्य कीमती सामान अपने साथ समेट कर ले गए हैं। हालांकि पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित ने कुल कितने की चोरी हुई, इसका कोई जिक्र नहीं किया गया। पुलिस एफआईआर दर्ज कर चोरों की तलाश में जुटी है।
पीड़ित के मुताबिक नर्सिंग होम के प्रथम तल पर ही उनका आवास है। बीती 25 अप्रैल की शाम सोने-हीरे के आभूषणों को लॉकर में रखे हुए देखा था। बीती 19 जुलाई को आवश्यकता पड़ने पर जब लॉकर खोलने का प्रयास किया तो चाबी गायब थी। लॉकर तोड़ा गया तो उसमें रखे जेवरात व नकदी गायब थी। चिकित्सक के मुताबिक उनका परिवार लखनऊ में रहता है।
आवास पर स्टाफ के ही लोगों का आना जाना था। कुल चोरी कितने हुई है, यह सूची तैयार कर पुलिस को जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि नर्सिंग होम में कार्यरत स्टॉफ के लोग करीब एक करोड़ से ज्यादा की चोरी होने की बात कह रहे है। सदर कोतवाली शिवशंकर सिंह ने बताया कि चिकित्सक की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
दो माह बाद चोरी, अब एफआईआर
शहर के चिकित्सक के आवास पर दो माह पहले चोरी की घटना हुई थी, जबकि मामले की एफआईआर मंगलवार को हुई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने दिनों बाद मामले की एफआईआर क्यों दर्ज हुई। कहीं घटना को लेकर कुछ छिपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है। वहीं घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस पीड़ित के नर्सिंग होम और नेहरू नगर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस घटना में चिकित्सक डॉ. अजय श्रीवास्तव के करीबियों का हाथ मान रही है। हालांकि चिकित्सक का कहना है कि उन्होंने घटना के समय ही तहरीर पुलिस को दी थी। अब एफआईआर कैसे दर्ज हुई, उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।