रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती में साइबर अपराधियों की सेंध के मामले की जांच चल रही है। जामताड़ा गैंग के कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। पकड़ में आए मोबाइल नंबरों की आईपी का पता लगने के बाद शातिरों तक पहुंचा जा सकेगा। हालांकि, दो माह बाद भी डॉक्टरों की भर्ती का रिजल्ट घोषित नहीं हो सका है।
जिले में एमबीबीएस डॉक्टरों के 24 पदों को भरने के लिए बीती सात फरवरी को इंटरव्यू हुआ था। साक्षात्कार के साथ ही साइबर अपराधी सक्रिय हो गए थे। अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों पर फोन करके चयन सूची में नाम शामिल कराने के लिए रुपये की मांग की गई थी। 15 से अधिक अभ्यर्थियों को फोन करके खातों में रुपये भेजने के लिए कहा गया था। ऑडियो मिलने के बाद सीएमओ ने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई का अनुरोध किया था। इसके बाद साइबर थाना पुलिस जांच कर रही है।
पकड़ में आए मोबाइल नंबरों की आईपी की जांच कराई जा रही है। इसी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि शातिरों के तार कहां से जुड़े हैं। इस संबंध में पुलिस ने झारखंड और बिहार पुलिस से गैंग के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। साइबर थाना प्रभारी बिंध विनय यादव का कहना है कि मोबाइल नंबरों की आईपी को जांच के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आते ही शातिरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। उधर, इंटरव्यू के बाद ही अपराधियों की सेंध के कारण अब तक रिजल्ट घोषित नहीं हो सका है। इसी माह रिजल्ट घोषित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि रिजल्ट लगभग तैयार हो चुका है। जल्द ही घोषित किया जाएगा।