रायबरेली में सोमवार को नीलांचल एक्सप्रेस से उतरने के बाद बाहर जाते यात्री।
रायबरेली। दशहरा और दीपावली पर हर कोई घर लौटना चाहता है। दीपावली से एक हफ्ते पहले किसी भी दिन सीट मिलना मुश्किल हो गया है। वेटिंग भी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हर साल यही स्थिति रहती है, जिस पर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। इस बार भी स्पेशल ट्रेनों के चलने की पूरी उम्मीद है, जिससे याात्रियों को राहत मिल सकेगी।
जिले के रहने वाले काफी संख्या में लोग दिल्ली, महराष्ट्र, पंजाब, बिहार आदि राज्यों में नौकरी या कामकाज के सिलसिले में रहते हैं, जो दीपावली पर घर लौटते हैं। इसके लिए सीट आरक्षित करा लेने से सफर सुहाना हो जाता है। यही वजह है कि दो महीने पहले ही आरक्षण कराए जाने लगे। मुंबई से आने वाली उद्योग नगरी एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 150 तक और एसी की वेटिंग 75 से अधिक हो गई है।
भोपाल से आने वाली सुपरफास्ट में भी स्लीपर की वेटिंग 175 से अधिक और एसी की वेटिंग 50 से अधिक चल रही है। नई दिल्ली से आने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 100 से अधिक और एसी की वेटिंग 75 से अधिक हो गई है। दिल्ली से आने वाली पद्मावत एक्सप्रेस में वेटिंग 200 तक पहुंच गई है।
देहरादून से आने वाली जनता मेल में 50 से अधिक और अमृतसर से आने वाली पंजाब मेल में 100 से अधिक वेटिंग है। पद्मावत, पंजाब मेल, जनता मेल में दो-तीन दिन कुछ श्रेणियों में टिकट ही नहीं बन रहे हैं। वाणिज्य निरीक्षक डीडी शुक्ला ने बताया कि दीपावली पर ट्रेनों में भीड़ अधिक रहती है। ट्रेनों में अधिकतर सीटें आरक्षित हो चुकी हैं। बढ़ती वेटिंग को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा रही है।